Chief of the Air Staff Air Chief Marshal VR Chaudhari, visited, Defence Services Staff College, Wellington

Chief of Air Staff Air Chief Marshal VR Chaudhari addresses 79th Staff Course at Defence Services Staff College, Wellington

Wellington : Chief of the Air Staff Air Chief Marshal VR Chaudhari, visited, Defence Services Staff College, Wellington on 22 March 2024. The CAS addressed the student officers from the Indian Armed Forces and Friendly Foreign Countries undergoing the 79th Staff Course and the permanent staff of DSSC.
The CAS in his address to the officers covered the challenges confronting the Indian Air Force, it’s capability development plan & jointmanship. He spelt out the Transition of IAF into a contemporary and future ready Aerospace Force.
He reiterated the vision as spelt out in the IAF doctrine, which envisages an agile and adaptive Air Force to provide decisive aerospace power in pursuit of national interests. The dominant role played by IAF during evacuation of Indian diaspora from Conflict Zones and during disaster relief operations was highlighted by the CAS.
He also highlighted the significant air power lessons derived from existing conflicts such as Russia – Ukraine War and Israel – Hamas conflict.The CAS was also briefed on the ongoing training activities and the impetus to jointmanship at DSSC, which was well appreciated.

वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल वी आर चौधरी ने डिफेंस सर्विसेज स्टॉफ कॉलेज, वेलिंगटन का दौरा किया
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी ने डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन में 79वें स्टाफ कोर्स की तैयारी कर रहे भारतीय सशस्त्र बलों और मित्र देशों के छात्र अधिकारियों को संबोधित किया

वेलिंगटन

वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल वी आर चौधरी ने आज (22 मार्च 2024) डिफेंस सर्विसेज स्टॉफ कॉलेज, वेलिंगटन का दौरा किया। उन्‍होंने 79वें स्टाफ कोर्स की तैयारी कर रहे भारतीय सशस्त्र बलों और मित्र देशों के छात्र अधिकारियों और कॉलेज के स्थायी कर्मचारियों को संबोधित किया।
वायुसेना प्रमुख ने अधिकारियों को अपने संबोधन में भारतीय वायुसेना के सामने आनेवाली चुनौतियों, इसकी क्षमता विकास योजना और इसकी संयुक्तता के बारे में बताया। उन्होंने भारतीय वायुसेना को एक आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार एयरोस्पेस फोर्स में बदलने के बारे में बहुत अच्‍छी तरह से व्‍याख्‍या की।
उन्होंने भारतीय वायुसेना के सिद्धांत में बताए गए विजन को दोहराया, जिसमें निर्णायक एयरो स्पेस शक्ति प्रदान करने के लिए एक चुस्त और नई परिस्थितियों से परिचित होकर उसके अनुरूप अपने को ढालने वाली वायुसेना की परिकल्पना की गई है। वायुसेना प्रमुख के संबोधन में संघर्षरत क्षेत्रों से भारतीय प्रवासियों को सुरक्षित निकालने के काम और आपदा राहत कार्यों के दौरान भारतीय वायुसेना द्वारा निभाई गई प्रमुख भूमिका को उजागर किया गया।
उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध और इज़राइल-हमास संघर्ष जैसे मौजूदा संघर्षों से प्राप्त महत्वपूर्ण वायुशक्ति सीख पर भी प्रकाश डाला। वायुसेना प्रमुख को चल रही प्रशिक्षण गतिविधियों और डीएसएससी में संयुक्तता के लिए दिए जा रहे प्रोत्साहन के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसकी प्रशंसा की गई।

 

 

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